बाढ़ के पानी से फैल सकती हैं ये 10 खतरनाक बीमारियां! जानिए बचाव के सबसे आसान और कारगर उपाय

बाढ़ के पानी से फैलने वाली बीमारियां

लेख परिचय (Introduction)

बाढ़ के पानी से फैलने वाली बीमारियां: बाढ़ सिर्फ घरों, सड़कों और खेतों को ही नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह लोगों की सेहत के लिए भी बड़ा खतरा बन जाती है। बाढ़ का पानी अक्सर सीवर, कचरा, जानवरों के मल-मूत्र और अन्य गंदगी के संपर्क में आ जाता है।

ऐसे में यह पानी बैक्टीरिया, वायरस और कई तरह के परजीवियों का घर बन सकता है, जिससे गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

हाल ही में देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ की खबरें सामने आई हैं। ऐसे समय में सबसे जरूरी बात यह है कि लोग अपनी और अपने परिवार की सेहत का विशेष ध्यान रखें।

अक्सर देखा जाता है कि बाढ़ उतरने के बाद भी कई दिनों तक लोग गंदे पानी और गंदगी के संपर्क में रहते हैं, जिससे संक्रमण तेजी से फैल सकता है।

कुछ साल पहले मेरे इलाके में भी बारिश के बाद कई दिनों तक पानी भरा रहा था। उस समय स्वास्थ्य विभाग की ओर से बार-बार यही सलाह दी जा रही थी कि बिना उबाला या फ़िल्टर किया हुआ पानी न पिएं और बाढ़ के पानी में बिना जरूरत न जाएं। उस अनुभव से यह समझ आया कि थोड़ी-सी सावधानी कई बड़ी बीमारियों से बचा सकती है।

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि बाढ़ के पानी से कौन-सी 10 खतरनाक बीमारियां फैल सकती हैं, उनके शुरुआती लक्षण क्या हैं, किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा होता है और उनसे बचने के सबसे आसान और प्रभावी उपाय क्या हैं।

बाढ़ का पानी बीमारियों का खतरा क्यों बढ़ा देता है?

बाढ़ का पानी बीमारियों का खतरा क्यों बढ़ा देता है?

बाढ़ का पानी देखने में सिर्फ गंदा पानी लग सकता है, लेकिन असल में इसमें कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवी मौजूद हो सकते हैं।

जब सीवर का पानी, कूड़ा-कचरा, मरे हुए जानवरों के अवशेष और औद्योगिक गंदगी बाढ़ के पानी में मिल जाती है, तो इन्फेक्शन फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा, लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रजनन भी तेजी से होता है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

अगर इस दौरान साफ पानी, स्वच्छ भोजन और व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो कई लोग एक साथ इन्फेक्शन की चपेट में आ सकते हैं।

बाढ़ के पानी से फैलने वाली 10 खतरनाक बीमारियां?

1. डायरिया (Diarrhea)

बाढ़ के बाद सबसे अधिक देखने वाली बीमारियों में डायरिया शामिल है। गंदे पानी पीने या संक्रमित भोजन खाने से यह समस्या हो सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बीमारी अधिक गंभीर साबित हो सकती है क्योंकि शरीर में पानी की कमी तेजी से होने लगती है।

इसके सामान्य लक्षण

• बार-बार पतले दस्त होना, पेट में मरोड़, कमजोरी, उल्टी, शरीर में पानी की कमी महसूस होना|

इससे बचाव कैसे करें?

• केवल उबला हुआ या फ़िल्टर किया हुआ पानी पिएं, खुले में मिलने वाला खाना खाने से बचें, खाना बनाने और खाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं, बच्चों को गंदे पानी में खेलने न दें।

2. हैजा (Cholera)

हैजा बीमारी किस कारण होता है ल?

हैजा एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो गंदे पानी और भोजन के माध्यम से फैलता है। बाढ़ के बाद जब पीने का पानी संक्रमित हो जाता है, तब इस बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है।

इसके सामान्य लक्षण

• बार-बार पानी जैसे दस्त, उल्टी, तेज कमजोरी, अत्यधिक प्यास लगना, डिहाइड्रेशन|

इससे बचाव कैसे करें?

• हमेशा सुरक्षित और साफ पानी पिएं, पानी को उबालकर या फ़िल्टर करके ही इस्तेमाल करें, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खुले खाद्य पदार्थ खाने से बचें, हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

3. टाइफाइड (Typhoid)

बाढ़ के समय ख़राब खाना और पानी के कारण टाइफाइड फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। कई लोग इसे सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर हो सकती है।

इसके शुरुआती संकेत

• गातार तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, भूख कम लगना,पेट दर्द और कब्ज|

खुद को सुरक्षित कैसे रखें?

• केवल साफ पानी का पिए, ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना खाएं, बाहर का खुला भोजन खाने से बचें, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें।

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4. लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis)

बाढ़ के पानी से फैलने वाली सबसे खतरनाक बीमारियों में लेप्टोस्पायरोसिस भी शामिल है। यह बीमारी संक्रमित जानवरों, खासकर चूहों के मूत्र से गंदे पानी के संपर्क में आने से फैल सकती है। अगर आपके पैरों या शरीर पर कोई छोटा-सा घाव है और वह बाढ़ के पानी के चपेट में आ जाता है, तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

इसके सामान्य लक्षण

• तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, आंखों का लाल होना, ठंड लगना, कमजोरी महसूस होना|

इससे बचाव कैसे करें?

• बाढ़ के पानी में नंगे पैर चलने से बचें, बाहर जाते समय रबर के जूते या वाटरप्रूफ बूट पहनें, शरीर पर कट या घाव हो तो उसे अच्छी तरह ढककर रखें|

5. हेपेटाइटिस A और E (Hepatitis A & E)

बाढ़ के बाद पीने का पानी अशुद्ध हो जाने पर हेपेटाइटिस A और E का खतरा भी बढ़ जाता है। यह इंफेक्शन मुख्य रूप से गंदा पानी और भोजन के जरिए फैलता है और लिवर को प्रभावित कर सकता है।

इसके शुरुआती संकेत

• भूख कम लगना, उल्टी या मतली, बुखार, थकान, आंखों और त्वचा का पीला पड़ना|

खुद को सुरक्षित कैसे रखें ?

• केवल उबला हुआ या सुरक्षित पानी पिएं, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें, फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं|

6. डेंगू (Dengue)

डेंगू कैसे होती है?

बाढ़ के बाद कई जगह पानी जमा रह जाता है, जो डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। इसलिए बाढ़ के बाद डेंगू के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जाती है।

इसके सामान्य लक्षण

• तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते|

इससे बचाव कैसे करें?

• घर और आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाले उपाय अपनाएं, सुबह और शाम विशेष सावधानी रखें|

7. मलेरिया (Malaria)

बाढ़ के बाद जमा पानी में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है, जिससे मलेरिया का खतरा भी बढ़ जाता है। यह बीमारी संक्रमित एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है।

इसके शुरुआती संकेत

• ठंड लगकर बुखार आना, तेज पसीना आना, कमजोरी लगना|

बचाव कैसे करें?

• रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, कूलर का पानी हमेशा चेंज करें, मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का उपयोग करें, खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं।

8. स्किन संक्रमण (Skin Infection)

बाढ़ का गंदा पानी लंबे समय तक स्किन के चपेट में रहने से खुजली, लाल चकत्ते और अन्य त्वचा संक्रमण हो सकते हैं। जिन लोगों की स्किन संवेदनशील है, उनमें यह समस्या अधिक देखी जाती है।

इसके शुरुआती संकेत

• स्किन पर लाल चकत्ते, खुजली, जलन, सूजन, छोटे दाने आदि|

इससे बचाव कैसे करें?

• गंदे पानी से निकलने के बाद तुरंत साफ पानी और साबुन से नहाएं, गीले कपड़े देर तक न पहनें, त्वचा को सूखा और साफ रखें, किसी भी घाव को खुला न छोड़ेंआदि|

9. फंगल इंफेक्शन (Fungal Infection)

फंगल इंफेक्शन (Fungal Infection)

बाढ़ का पानी लंबे समय तक त्वचा के संपर्क में रहने से फंगल इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। खासकर अगर पैर लंबे समय तक गीले रहें या गंदे पानी में बार-बार जाना पड़े, तो स्किन पर फंगस आसानी से पनप सकता है।

इसके सामान्य लक्षण

• लगातार खुजली होना, स्किन पर लाल या गोल निशान, जलन महसूस होना, त्वचा का छिलना, पैरों की उंगलियों के बीच सफेद परत बनना आदि|

इससे बचाव कैसे करें?

• बाढ़ के पानी से आने के बाद तुरंत साफ पानी और साबुन से पैर धोएं, गीले जूते और मोजे ज्यादा देर तक न पहनें, शरीर को हमेशा साफ और सूखा रखें, अपना तौलिया और कपड़े किसी दूसरे के साथ Share न करें।

10. वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस (Viral Gastroenteritis)

बाढ़ के दौरान अशुद्ध पानी और भोजन के कारण वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस का खतरा भी बढ़ जाता है। इसे आम भाषा में कई लोग पेट का वायरल इंफेक्शन भी कहते हैं।

इसके सामान्य लक्षण

• दस्त, उल्टी, पेट दर्द, बुखार, कमजोरी, भूख कम लगना आदि|

इससे बचाव कैसे करें?

• केवल उबला हुआ या फ़िल्टर किया हुआ पानी पिएं, फल और सब्जियां अच्छी तरह धोकर खाएं, खाने से पहले और बाद में हाथ साबुन से धोएं।

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किन लोगों को बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?

बाढ़ के समय हर किसी को सतर्क रहने की जरूरत होती है, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है।

1. छोटे बच्चे

2. बुजुर्ग

3. गर्भवती महिलाएं

4. डायबिटीज या दूसरी कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग

5. राहत कार्यों में लगे लोग

बाढ़ के बाद घर लौटने पर क्या सावधानियां रखें?

• घर में जमा गंदे पानी को जल्द से जल्द हटाएं।

• पीने के पानी की टंकी और बर्तनों को अच्छी तरह साफ करें।

• खराब हो चुके खाने-पीने के सामान को तुरंत फेंक दें।

• घर की सफाई करते समय दस्ताने और जूते पहनें।

• बच्चों को गंदे पानी में खेलने न दें।

• बिजली के उपकरणों को जांचे बिना चालू न करें।

निष्कर्ष (Conclusion)

बाढ़ का पानी केवल जलभराव की समस्या नहीं लाता, बल्कि इसके साथ कई गंभीर संक्रमणों का खतरा भी बढ़ जाता है।

अशुद्ध पानी, मच्छरों की बढ़ती संख्या और गंदगी के कारण डायरिया, हैजा, टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं।

हालांकि अच्छी बात यह है कि साफ पानी पीने, स्वच्छता बनाए रखने, मच्छरों से बचाव करने और समय पर डॉक्टर से सलाह लेने जैसी छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर इन बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. क्या बाढ़ का पानी छूने से बीमारी हो सकती है?

उत्तर: हां, अगर बाढ़ का पानी दूषित हो और शरीर पर घाव हो या लंबे समय तक संपर्क बना रहे, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

Q2. बाढ़ के दौरान पीने के लिए सबसे सुरक्षित पानी कौन-सा है?

उत्तर: उबला हुआ या अच्छी तरह फ़िल्टर किया हुआ पानी सबसे सुरक्षित माना जाता है।

Q3. बच्चों को बाढ़ के पानी से क्यों दूर रखना चाहिए?

उत्तर: बच्चों में संक्रमण का खतरा अधिक होता है और दूषित पानी के संपर्क में आने से वे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं।

Q4. बाढ़ के बाद घर की सफाई करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

उत्तर: दस्ताने और जूते पहनें, गंदे पानी को हटाएं, पीने के पानी के स्रोत को साफ करें और खराब खाद्य पदार्थों को तुरंत फेंक दें।

Q5. बाढ़ के पानी में काम करते समय क्या पहनना चाहिए?

उत्तर: रबर के बूट, दस्ताने और यदि संभव हो तो वाटरप्रूफ कपड़े पहनना सुरक्षित रहता है।

डिस्कलेमर (अस्वीकरण)

यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है| यह किसी भी प्रकार की मेडिकल सलाह नहीं है| किसी भी तरीके को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें|

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समाप्त!

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